सरकार जल्द ही New Labour Code 2025 लागू करने की तैयारी में है, जिसके बाद भारत की वर्किंग स्ट्रक्चर में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। नए कोड का लक्ष्य है—वर्कर्स को बेहतर सुरक्षा, कंपनियों को क्लियर कंप्लायंस, और पूरे रोजगार सिस्टम को आधुनिक बनाना।
जानिए इस बार क्या-क्या बदलने वाला है और कैसे इसका असर सीधा कर्मचारियों की सैलरी, छुट्टियों और वर्किंग आवर्स पर पड़ेगा।
New Labour Code 2025: क्या हैं बड़े बदलाव?
सरकार के नए लेबर फ्रेमवर्क में 4 प्रमुख कोड शामिल होंगे:
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Wage Code 2025
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Social Security Code 2025
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Occupational Safety & Health Code 2025
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Industrial Relations Code 2025
इन चारों को एकसाथ लागू करने की तैयारी है ताकि पूरे देश में एक जैसा लेबर सिस्टम लागू हो सके।
नए लेबर कोड्स की 10 बड़ी बातें
1️⃣ समय पर न्यूनतम वेतन
अब हर सेक्टर में सभी कर्मचारियों को टाइम-बाउंड न्यूनतम वेतन मिलना अनिवार्य होगा। इससे आर्थिक असुरक्षा कम होगी।
2️⃣ युवाओं को लिखित अपॉइंटमेंट लेटर
हर नौकरी में लिखित नियुक्ति पत्र ज़रूरी होगा। इससे रोजगार संबंधी विवाद लगभग खत्म हो जाएंगे।
3️⃣ महिलाओं के लिए समान अवसर
महिलाओं को समान वेतन, रात की शिफ्ट में काम करने का अधिकार और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था मिलेगी।
4️⃣ 40 करोड़ कर्मचारियों को सोशल सिक्योरिटी
PF, ESIC, इंश्योरेंस, पेंशन और अन्य सुविधाएं अब लगभग हर कर्मचारी तक पहुंचेंगी—gig और platform वर्कर्स तक भी।
5️⃣ फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को 1 साल में ग्रेच्युटी
पहले 5 साल की शर्त थी, लेकिन अब केवल 1 वर्ष के बाद ग्रेच्युटी मिलेगी।
6️⃣ 40+ उम्र वालों के लिए मुफ्त हेल्थ चेकअप
हर साल एक बार स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य है।
7️⃣ ओवरटाइम पर डबल पे
जो भी कर्मचारी अतिरिक्त काम करेगा—दो गुना वेतन दिया जाएगा।
8️⃣ जोखिम वाले कामगारों के लिए 100% सुरक्षा
Hazardous industries में सुरक्षा मानक और ऑन-साइट सेफ्टी नियम सख्त किए गए हैं।
किसे क्या फायदा? (New Labour Code 2025 के अनुसार)
फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी (FTE):
अब फिक्स्ड-टर्म स्टाफ को भी परमानेंट कर्मचारियों जैसी सारी सुविधाएँ मिलेंगी—जैसे पेड लीव, मेडिकल बेनिफिट्स और सोशल सिक्योरिटी। साथ ही, सिर्फ 1 साल पूरा करने पर ग्रेच्युटी का सीधा हक मिलेगा।
गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स:
जैसे Zomato, Swiggy, Uber ड्राइवर्स—इन्हें पहली बार श्रम कानूनों में स्पष्ट पहचान मिली है। अब ये PF/बीमा जैसे सोशल सिक्योरिटी लाभ पाएंगे। इनके फायदे आधार-लिंक्ड होंगे और देशभर में कहीं भी पोर्टेबल रहेंगे।
कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स:
कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को हेल्थ बेनिफिट्स, सोशल सिक्योरिटी, सालाना मुफ्त हेल्थ चेकअप और कार्यस्थल पर सुरक्षा का पूरा प्रावधान मिलेगा।
महिला कर्मचारी:
महिलाओं को समान वेतन, सभी तरह के कार्यों में भागीदारी और रात की शिफ्ट में काम करने का अधिकार मिलेगा—ज़रूरी सुरक्षा इंतज़ाम और Internal Committee के साथ।
युवा कर्मचारी (नए जॉइनर्स):
हर युवा को जॉइनिंग पर लिखित अपॉइंटमेंट लेटर देना अनिवार्य होगा। न्यूनतम वेतन और समय पर भुगतान की गारंटी मिलेगी। छुट्टियों के दौरान भी सैलरी मिलती रहेगी।
MSME कर्मचारी:
छोटे उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए कैन्टीन, पीने का पानी, आराम की जगह जैसी सुविधाएं अनिवार्य हैं। वेतन समय पर मिलेगा और ओवरटाइम का भुगतान डबल रेट पर होगा।
बीड़ी और सिगार उद्योग के कर्मचारी:
इन कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन, निश्चित कार्य घंटे, ओवरटाइम पर डबल पे और बोनस जैसी सुरक्षा दी जाएगी।
प्लांटेशन कर्मचारी:
प्लांटेशन सेक्टर के कामगारों को सुरक्षा ट्रेनिंग, प्रोटेक्टिव गियर, ESI चिकित्सा सुविधाएं और उनके बच्चों के लिए शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
ऑडियो-विजुअल और डिजिटल मीडिया वर्कर्स:
डिजिटल क्रिएटर्स, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया स्टाफ, डबिंग आर्टिस्ट और स्टंट वर्कर्स को अपॉइंटमेंट लेटर, समय पर वेतन और ओवरटाइम पर डबल पे का अधिकार सुनिश्चित किया गया है।
माइन वर्कर्स:
खानों में काम करने वाले कर्मचारियों को स्वास्थ्य जांच, सुरक्षित कार्य घंटे और उच्च सुरक्षा मानकों की सुविधा मिलेगी।
हाई-रिस्क या खतरनाक उद्योगों के कर्मचारी:
Hazardous सेक्टर के कर्मचारियों को फ्री हेल्थ चेकअप, ऑन-साइट सुरक्षा समिति और महिलाओं को बराबरी का मौका दिया जाएगा।
टेक्सटाइल वर्कर्स:
टेक्सटाइल कर्मचारियों, खासकर प्रवासी कामगारों को समान वेतन और PDS राशन पोर्टेबिलिटी मिलेगी। ओवरटाइम का भुगतान भी डबल रेट पर होगा।
आईटी और ITES कर्मचारी:
IT सेक्टर में हर कर्मचारी को महीने की 7 तारीख तक वेतन देना अनिवार्य है। समान वेतन, रात की शिफ्ट में महिलाओं की अनुमति और पूरी सोशल सिक्योरिटी सुविधा लागू होगी।
डॉक वर्कर्स:
डॉकयार्ड कर्मचारी अब अपॉइंटमेंट लेटर, PF, पेंशन, बीमा और मेडिकल सुविधाओं का पूरा लाभ पाएंगे।
एक्सपोर्ट सेक्टर कर्मचारी:
इन कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, PF, सोशल सिक्योरिटी, 180 दिन बाद छुट्टी का अधिकार और सुरक्षित कार्य परिवेश मिलेगा।
Impact Analysis (2025)
| Stakeholder | Impact |
|---|---|
| Employees | In-hand salary घटेगी, PF/Gratuity बढ़ेंगे, leaves और सुरक्षा बढ़ेगी |
| Companies | Compliance आसान, लेकिन salary-structure में बदलाव करना होगा |
| Gig Workers | पहली बार Social Security benefits |
| Industry | काम के घंटों और ओवरटाइम का सिस्टम आधुनिक होगा |
New Labour Code 2025 भारत की employment ecosystem को global standards के करीब ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। कर्मचारियों को बेहतर सुरक्षा और कंपनियों को simplified compliance मिलने से यह कोड आने वाले वर्षों में भारत के workforce को अधिक productive और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

