Reliance Industries Share Price: मंगलवार को शेयर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखने को मिला, फिर भी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड स्थापित किया। देश की सबसे बड़ी कंपनी के रूप में रिलायंस ने इस दिन 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर छू लिया। कंपनी के शेयर 1.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,559.60 रुपये तक पहुंचे, जो इस वर्ष का नया उच्चतम स्तर है। यह उछाल ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन की ओवरवेट रेटिंग और रिलायंस के लिए उनके सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण आया। ब्रोकरेज का मानना है कि भविष्य में RIL के शेयरों में लगभग 11 प्रतिशत और वृद्धि संभव है, जिसके लिए उन्होंने 1,727 रुपये प्रति शेयर का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया है।
इस वर्ष 27% की प्रबल वृद्धि
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों ने पिछले 30 दिनों में लगभग 4 प्रतिशत और पिछले 6 महीनों में 8 प्रतिशत से अधिक का लाभ प्राप्त किया है। वहीं, यदि साल की शुरुआत से अब तक के रिटर्न की चर्चा करें, तो कंपनी के शेयरों में लगभग 27 प्रतिशत की शानदार वृद्धि देखी गई है। यह प्रदर्शन कंपनी की वित्तीय मजबूती और बाजार में उसके प्रति विश्वास को प्रदर्शित करता है।
जेपी मॉर्गन ने ‘ओवरवेट’ क्यों कहा?
अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए अपनी ओवरवेट रेटिंग को बनाए रखा है। फर्म का मानना है कि रिलायंस के शेयर मूल्यांकन के दृष्टिकोण से अभी भी सस्ते हैं और डी-मार्ट तथा भारती एयरटेल जैसे प्रमुख स्टॉक्स की तुलना में यह अधिक आकर्षक दर पर उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रिलायंस में लगभग 15 प्रतिशत का होल्डिंग कंपनी डिस्काउंट देखने को मिल रहा है, जिसका अर्थ है कि मार्केट फिलहाल कंपनी की पूरी वैल्यू को प्राइस में शामिल नहीं कर रहा है। ब्रोकरेज ने आगे बताया कि पिछले दो वर्षों में रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल बिज़नेस में कमजोर मार्जिन के कारण जो दबाव था, वह अब काफी कम हो चुका है। वर्तमान में रिफाइनिंग मार्जिन में अच्छी तेजी नजर आ रही है, जिससे भविष्य में कंपनी की कमाई में वृद्धि होने की पूरी संभावना है।
2026 का वर्ष क्यों होगा महत्वपूर्ण?
जेपी मॉर्गन ने 2026 को रिलायंस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण वर्ष बताया है। ब्रोकरेज का मानना है कि अगले वर्ष जियो का आईपीओ आ सकता है, जिससे कंपनी को बड़ा लाभ हो सकता है। इसके अलावा, टेलिकॉम सेक्टर में टैरिफ वृद्धि की पूरी संभावना है, जो कंपनी की आय को बढ़ा सकती है। साथ ही, न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स में तेज प्रगति और रिटेल बिजनेस में स्थिरता भी रिलायंस की ग्रोथ को आगे बढ़ाएगी।

