भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा और निर्णायक मुकाबला गुवाहटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। मैच के दूसरे दिन एक ऐसा वाकया देखने को मिला, जिसने अचानक सोशल मीडिया का तापमान बढ़ा दिया। शुभमन गिल की अनुपस्थिति में कप्तानी कर रहे ऋषभ पंत उस समय गुस्से में फट पड़े, जब कुलदीप यादव लगातार ओवर शुरू करने में देरी करते दिखाई दिए।
यह कोई मामूली नाराज़गी नहीं थी—यह सीधे टीम को मिलने वाले स्लो ओवर रेट की चेतावनियों से जुड़ा था, और इसी वजह से पंत मैदान पर भड़कते नजर आए।
स्लो ओवर रेट: पंत क्यों भड़के?
टेस्ट क्रिकेट में नियम बहुत स्पष्ट है: जब एक ओवर खत्म होता है, तो अगला ओवर 30 सेकंड के भीतर शुरू होना चाहिए।
अगर टीम तय समय पर ओवर शुरू नहीं करती है, तो पहले वॉर्निंग मिलती है, और उसके बाद भी गलती होती है तो 5 रन की पेनल्टी सीधे टीम के स्कोर में जुड़ जाती है। भारत को पहले से ही दो चेतावनियाँ मिल चुकी थीं। ऐसे में तीसरी गलती टीम पर भारी पड़ सकती थी—न सिर्फ पेनल्टी बल्कि कप्तान की मैच फीस पर भी प्रभाव पड़ सकता था। इसी दबाव के चलते पंत ने कुलदीप को बीच मैदान पर डांट लगा दी।
VIDEO में क्या कहा पंत ने?
इस विवादित हलचल का वीडियो तुरंत इंटरनेट पर वायरल हो गया। वीडियो में पंत कुलदीप यादव को कहते हुए सुनाई देते हैं:
“यार 30 सेकंड का टाइमर है… घर पर खेल रहे हो क्या? एक बॉल डाल जल्दी! कुलदीप, दो बार वॉर्निंग ले चुके हैं हम। पूरा एक ओवर थोड़ी ना चाहिए… मजाक बना रखा है टेस्ट क्रिकेट को।”
पंत की ये बात सुनकर कुलदीप पहले थोड़ा हक्का-बक्का नजर आए, फिर तुरंत रन-अप लिया। फैंस के कमेंट्स भी देखने लायक रहे—कुछ ने कप्तान की “सख्त लीडरशिप” की तारीफ की, कुछ ने बोला कि “टेस्ट क्रिकेट में ऐसा ऑन-फील्ड माइक्रोमैनेजमेंट पहले कभी नहीं देखा।”
भारत पर बढ़ता दबाव: साउथ अफ्रीका का स्कोर 400 के पार
मैच की स्थिति अब भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय बन गई है। दूसरे दिन के पहले सत्र में साउथ अफ्रीका ने बिना कोई विकेट गंवाए अपनी पारी आगे बढ़ाई और स्कोर 400 के पार पहुंचा दिया। सेनुरन मुथुसामी अपने पहले टेस्ट शतक के बेहद करीब पहुंचते दिख रहे हैं, वहीं मार्को जेनसन लगातार तेज़ और आक्रामक बल्लेबाजी कर रहे हैं। भारतीय गेंदबाज लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन विकेट न मिलने से कप्तान पर दबाव और बढ़ता जा रहा है। इस पृष्ठभूमि में पंत का गुस्सा भी समझ में आता है—जब मैच धीरे-धीरे हाथ से फिसलता नजर आए, तो स्लो ओवर रेट जैसी छोटी गलतियाँ भी बड़ी परेशानी बन जाती हैं।

